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दो शब्दों में राइम क्यों होता है?

इसे समझने के लिए पहले देखना होगा कि शब्द अक्षरों से कैसे बनते हैं और कंप्यूटर उन्हें किस तरह पढ़ता है।

हिन्दी में शब्द और अक्षर

अंग्रेज़ी में शब्द को अक्षरों में तोड़ना सरल है: CAT = C + A + T। हिन्दी में संयुक्त अक्षर और मात्राएँ अपना रूप बदलते हैं, फिर भी कंप्यूटर हर मूल चिह्न को अलग देखता है।

बिल्ली = ब + ि + ल + ् + ल + ी

यहाँ छोटी इ की मात्रा, हलन्त और बड़ी ई की मात्रा अलग चिह्न हैं।

आपका = आ + प + क + ा

“आ” और आ-कार की मात्रा “ा” कंप्यूटर के लिए अलग-अलग अक्षर हैं।

अंगूर = अ + ं + ग + ू + र

“अं” वास्तव में “अ” और बिंदु को मिलाकर बनता है।

कक्षा = क + क + ् + ष + ा

“क्ष” एक संयुक्त अक्षर है जो क + ् + ष से बनता है।

कंप्यूटर में देवनागरी अक्षर

स्वर और उनकी मात्राएँ अलग चिह्न हैं। कुछ बहुत कम इस्तेमाल होने वाले अक्षर इस संक्षिप्त सूची में नहीं हैं।

स्वर
िमात्राएँ
अन्य चिह्न
क-वर्ग
च-वर्ग
ट-वर्ग
त-वर्ग
प-वर्ग
अंतःस्थ
ऊष्म

संयुक्त अक्षरों की सूची

हमें ये एक अक्षर जैसे दिखते हैं, लेकिन कंप्यूटर इन्हें अक्षरों के समूह की तरह देखता है।

क + ् + ष = क्ष
त + ् + र = त्र
श + ् + र = श्र
ज + ् + ञ = ज्ञ
प + ृ = पृ
र + ् + थ = र्थ

शब्दों में लय अर्थात राइम

“अनजान” और “अज्ञान” को अक्षरों में तोड़ें:

अनजान = अ + न + ज + ा + न
अज्ञान = अ + ज + ् + ञ + ा + न

दोनों के अंत में आ-कार की मात्रा और “न” है। इसलिए इस लय का पैटर्न “शुरुआत में कुछ भी + ा + न” है। शुरुआत के किसी भी अक्षर समूह को * लिखें, तो यह पैटर्न *ान हो जाता है। इसी तरह ? किसी एक अनजान अक्षर को दर्शाता है।

निष्कर्ष: किसी भी राइम को अक्षरों की सूची, * और ? से दर्शाया जा सकता है। शब्दव्यूह इन्हीं पैटर्नों को खोजता है—राइम शब्द के पैटर्न में होता है।
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